भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने धर्मशाला नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने धर्मशाला में कांग्रेस के शासन को “भ्रष्टाचार मॉडल” करार देते हुए कहा कि वहां जनता के पैसे पर टेंडर माफिया और घोटालों का राज चल रहा है।
ठाकुर ने मुख्य रूप से कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह जग्गी से जुड़े कथित पट्टा घोटाले का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगा है। उनके अनुसार, नगर निगम को इस संपत्ति से बेहद मामूली किराया मिल रहा है, जबकि आगे उप-किराए (सब-लेटिंग) के जरिए भारी कमाई की जा रही है। उन्होंने नगर निगम के भीतर एक सक्रिय “टेंडर माफिया” होने की बात भी कही, जो कमीशन आधारित व्यवस्था के तहत कुछ सीमित ठेकेदारों के माध्यम से सभी विकास कार्यों को नियंत्रित कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने निगम आयुक्त के आवास के नवीनीकरण और कचरा संग्रहण वाहनों के टेंडर आवंटन में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
प्रशासनिक अक्षमता पर बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि वर्षों बीत जाने के बाद भी धर्मशाला बस स्टैंड परियोजना आज तक अधूरी पड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सड़कों, नालियों और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है, लेकिन इसके बावजूद जनता पर बिजली उपकर और अन्य टैक्स बढ़ाकर आर्थिक बोझ लाद दिया गया है। ठाकुर ने साफ किया कि कांग्रेस शासित नगर निगम विकास कार्यों में पूरी तरह विफल रही है और उसने जनता की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की है।





















