धर्मशाला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी बयानबाज़ी बेहद तेज हो गई है। कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने एक प्रेसवार्ता के दौरान विपक्षी भाजपा नेताओं द्वारा नगर निगम और कांग्रेस पार्टी पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद करार दिया है। जग्गी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि झूठे आरोप लगाने वाले भाजपा नेता को कानूनी नोटिस भेजा जा रहा है और यदि उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नगर निगम हाउस की बैठकें न होने के आरोपों पर पलटवार करते हुए जग्गी ने कहा कि धर्मशाला से भाजपा के ही विधायक हैं जिन्हें हर बैठक में बुलाया जाता है, ऐसे में अगर बैठकें नहीं हुईं तो विधायक ने इस मुद्दे को पहले क्यों नहीं उठाया।
देवेंद्र जग्गी ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र को बिना बजट प्रावधान का झूठ का पुलिंदा बताया और दावा किया कि कांग्रेस ने बजट व्यवस्था के साथ अपना घोषणा पत्र तैयार किया है जिसे सत्ता में आने पर पूरी तरह लागू किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों के तबादला नियमों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने दूरी की शर्त को 30 किलोमीटर से घटाकर 15 से 18 किलोमीटर करने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, प्रेसवार्ता में मौजूद राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने हिमाचल के भाजपा सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे केंद्र में प्रदेश के हितों के लिए प्रभावी आवाज उठाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला सीवरेज परियोजना की लागत 105 करोड़ से बढ़कर 179 करोड़ रुपये पहुंच गई है लेकिन केंद्र ने अब तक फंड जारी नहीं किया। उन्होंने कांगड़ा रेल लाइन को ब्रॉडगेज करने के मुद्दे पर भी भाजपा सांसदों को खुली चुनौती दी है जिससे चुनाव से ठीक पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है।





















