भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस सरकार पर पंचायतीराज चुनावों को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल 2026 को चुनाव घोषित होने और 7 मई से नामांकन शुरू होने के बाद, सरकार ने 8 मई को एक विवादित नोटिफिकेशन जारी किया। भाजपा का दावा है कि ऐन चुनाव के बीच ऐसा बदलाव करना पूरी तरह से लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
दलित और महिला विरोधी नीति का आरोप: बाहरी राज्यों में शादी करने वाली महिलाओं का नामांकन रद्द
कर्ण नंदा के अनुसार इस नए नियम के जरिए अनुसूचित जाति वर्ग की उन महिलाओं को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश से बाहर शादी की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में नाम और बोनाफाइड सर्टिफिकेट होने के बावजूद एक दलित महिला प्रत्याशी का नामांकन रद्द कर दिया गया, भले ही उसने अपनी ही जाति में विवाह किया हो। भाजपा ने इसे कांग्रेस का दलित विरोधी और महिला विरोधी चेहरा बताया है।





















