शिमला -शिमला में सियासी माहौल उस समय गरमा गया जब मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा पर गंभीर आरोप लगाए। चौहान ने कहा कि राणा द्वारा दिए गए हालिया बयान तथ्यों से परे हैं और उन्हें अपने आरोपों का आधार स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने राणा पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब जनता समझती है, जिसके चलते उन्हें दोबारा जनसमर्थन नहीं मिला। चौहान ने यहां तक कहा कि राणा का राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है और वे “राजनीतिक सलाहकार नहीं बल्कि दलाल की भूमिका निभा रहे हैं।”
चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना तथ्यों के उनकी छवि खराब करने की कोशिश बेहद निंदनीय है और इसके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इंडिया एक्सप्रेस और राजेंद्र राणा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी और उनके परिवार की परवरिश में कभी भी व्यक्तिगत टिप्पणी करने की संस्कृति नहीं रही, जबकि विपक्ष केवल सुर्खियां बटोरने के लिए अनर्गल बयानबाज़ी कर रहा है।
मंडी के सरकाघाट में हुई घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सतर्कता से आरोपी पकड़े गए हैं और पुलिस कार्रवाई जारी है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है, और कहा कि सरकार हर मामले में सख्त कदम उठा रही है तथा पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना रखती है।
इस दौरान चौहान ने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ठाकुर दबाव में बयान दे रहे हैं और उनके आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मुद्दों पर ठाकुर ने कभी मजबूत पक्ष नहीं रखा और अब छोटे-छोटे मुद्दों को उछालकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में जनता खुद तय करेगी कि कौन सही है।















