सोलन,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नारी सशक्तिकरण को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि गहन विचार-विमर्श के बाद लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसने नारी शक्ति को सशक्त आवाज प्रदान की है।
रश्मि धर सूद ने कहा कि पिछले एक दशक में महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और गरिमा से जुड़े संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह समर्थन महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण—जन्म से लेकर मातृत्व और आगे तक—सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 2017 से अब तक 4.27 करोड़ से अधिक गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ₹20,101 करोड़ की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को मजबूती मिली है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत देशभर में 7.26 करोड़ महिलाओं को 22,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच की सुविधा प्रदान की गई, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हुआ है।
रश्मि धर सूद ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, जो 2015 में 48 प्रति हजार से घटकर 2023 में 28 प्रति हजार रह गई है। वहीं मातृ मृत्यु दर भी 2014 के 130 से घटकर 2023 में 88 प्रति लाख जन्म हो गई है।
उन्होंने कहा कि पोषण 2.0 के तहत देशभर के 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों—गर्भवती महिलाओं और बच्चों—को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कुपोषण की समस्या में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ से अधिक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को धुएं से होने वाली गंभीर बीमारियों से राहत मिली है और उनका जीवन अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक बना है।
रश्मि धर सूद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिससे महिलाओं को गरिमा, सुरक्षा और स्वच्छता का अधिकार मिला है। वहीं जल जीवन मिशन के अंतर्गत 15.8 करोड़ से अधिक घरों तक नल जल पहुंचने से महिलाओं का दैनिक श्रम कम हुआ है और जीवन स्तर में सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों से महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।
अंत में रश्मि धर सूद ने कहा कि
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाएगा, जिससे स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर बेहतर नीतिगत निर्णय लिए जा सकेंगे और देश का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।”















