सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। एनआईटी हमीरपुर में 5G यूज़ केस लैब का दौरा करते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) के वरिष्ठ अधिकारी ने डिजिटल नवाचार और सुरक्षा पर जोर दिया। हिमाचल प्रदेश लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (LSA) के अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार (Addl. DGT) एवं सलाहकार अनिल कुमार गुप्ता ने 21 जनवरी 2026 को एनआईटी हमीरपुर में स्थापित 5G यूज़ केस लैब का निरीक्षण किया। उनके साथ उप महानिदेशक (प्रौद्योगिकी) संदीप आर्य और सहायक निदेशक (प्रौद्योगिकी) रमेश कुमार भी उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने लैब में चल रही परियोजनाओं, छात्र सहभागिता और 5G के वास्तविक वातावरण में तकनीकी गतिविधियों की समीक्षा की तथा संकाय सदस्यों एवं छात्रों से संवाद किया। DoT अधिकारियों ने 5G यूज़ केस लैब के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये लैब उच्च शिक्षण संस्थानों में 5G आधारित अनुप्रयोगों और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच है। एनआईटी हमीरपुर में संचालित लैब में छात्र और शोधकर्ता 5G तकनीक के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं, जिनसे राष्ट्रीय डिजिटल पहलों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर DoT प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के निदेशक प्रो. एच. एम. सूर्यवंशी से भी अनौपचारिक रूप से मुलाकात की और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए सरकार, शिक्षाविदों और उद्योगों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। दौरे के दौरान DoT अधिकारियों ने संचार मित्र योजना के अंतर्गत स्वयंसेवक छात्रों से भी संवाद किया और उन्हें संचार साथी पोर्टल की प्रमुख सुविधाओं जैसे खोए/चोरी हुए मोबाइल फोन का ट्रैकिंग एवं ब्लॉकिंग, अनधिकृत कनेक्शन की रिपोर्टिंग, दूरसंचार धोखाधड़ी की शिकायत तथा डिजिटल सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. सूर्यवंशी ने DoT की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि 5G यूज़ केस लैब छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने और डिजिटल भारत के लक्ष्यों में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है। रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष नानोटी ने कहा कि ऐसे सहयोग से डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता बढ़ती है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी राणा ने लैब को शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बताया। दो दिनों तक चले दौरे का समन्वय डॉ. राकेश शर्मा और डॉ. संदीप कुमार सिंह ने किया, जिन्होंने संस्थान और DoT के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।





















