सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। अमेरिका द्वारा सीज़ किए गए रूसी शिप बेला-1 में फंसे कांगड़ा जिले के युवक रक्षित चौहान को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पालमपुर के रानी सिद्धपुर स्थित रक्षित चौहान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों से बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और उनकी भावनात्मक पीड़ा को समझते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि रक्षित चौहान की सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश वापसी को लेकर वह स्वयं लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है और इसे लेकर भारत सरकार पूरी तरह गंभीर है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वह निरंतर संपर्क में हैं और मामले की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि परिजनों द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र पर अब तक क्या प्रगति हुई है।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि परिजनों की चिंताओं और भावनाओं से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को भी अवगत करा दिया गया है, ताकि उच्च स्तर पर इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ उठाया जा सके। जयराम ठाकुर ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार हर संभव कूटनीतिक प्रयास कर रही है और जल्द ही इस मामले का सकारात्मक समाधान निकलेगा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रदेश और देश दोनों स्तरों पर रक्षित चौहान की सुरक्षा और वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य बनता है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहें। उन्होंने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि रक्षित चौहान को सुरक्षित भारत लाने के लिए प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। परिजनों ने भी जयराम ठाकुर के समर्थन और संवेदनशीलता के लिए उनका आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही उनका बेटा सुरक्षित घर लौटेगा।





















