इस भेंट से मिला स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन अतुल भारद्वाज को सार्वजनिक जीवन में पूरी निष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ समाज कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता अतुल भारद्वाज ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के पालमपुर स्थित निवास पर शिष्टाचार भेंट कर केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला कैंपस और जनहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान अतुल भारद्वाज को भारतीय राजनीति के वरिष्ठ स्तम्भ शांता कुमार का बहुमूल्य मार्गदर्शन और स्नेह प्राप्त हुआ।
इस विशेष अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वयं लिखित पुस्तक “देश भक्त स्वामी विवेकानंद जीवन वृत्त” सप्रेम भेंट की, जिसके लिए अतुल भारद्वाज ने उनका आभार प्रकट किया। बैठक के दौरान सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चुनौतियों पर दोनों के बीच बेहद सार्थक वैचारिक मंथन हुआ। इसके साथ ही अतुल भारद्वाज ने श्री चामुंडा नंदीकेश्वर धाम की वर्तमान अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिस पर शांता कुमार ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने एक आधिकारिक बयान में अतुल भारद्वाज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने धर्मशाला कैंपस निर्माण के लिए प्रदेश सरकार को हाई कोर्ट के कटघरे में खड़ा करने के कानूनी कदम को पूरी तरह सही ठहराया। शांता कुमार ने राज्य सरकार से मांग की है कि कांगड़ा के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त कर धर्मशाला कैंपस के लिए ₹30 करोड़ की रुकी हुई राशि तुरंत जारी की जाए।





















