सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज धर्मशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश इस समय आपदा से जूझ रहा है, लेकिन सरकार राहत कार्यों के बजाय आयोजनों और जश्न पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में इस वक्त डिजास्टर एक्ट लागू है। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और सैकड़ों परिवार आज भी मदद का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हालात में कांग्रेस सरकार ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आपदा राहत फंड से जश्न और कार्यक्रमों पर खर्च कर दी, जो सीधे-सीधे प्रभावित लोगों के साथ अन्याय है। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में आपदा की स्थिति बनी हुई है, तब किसके आदेश पर राहत राशि को गैर-जरूरी आयोजनों में खर्च किया गया। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। जयराम ठाकुर ने HRTC से जुड़ा मामला उठाते हुए कहा कि निगम द्वारा डिप्टी कमिश्नर को करोड़ों रुपये का बिल मंडी में हुई रैली में लगायी गई बसों का भेजा गया, जबकि HRTC बोर्ड का स्पष्ट निर्णय था कि 50 प्रतिशत भुगतान पहले किया जाएगा अगर किसी भी कार्यक्रम के लिए बसें दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही फैसले को लागू नहीं किया, जिससे प्रशासनिक अव्यवस्था उजागर होती है। कांग्रेस के मामले पर बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले आरोप लगाए गए, फिर जांच के आदेश दिए गए, लेकिन बाद में पूरा मामला दबा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान पर जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने ही नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली जाकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी पड़ी, लेकिन बाद में उनकी आवाज को दबा दिया गया, कानून-व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने ऊना गोलीकांड सहित कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार पूरी तरह नियंत्रण खो चुकी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज भी सरकार पिछली भाजपा सरकार को दोष देने में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न विजन है और न ही ज़मीनी स्तर पर काम करने की इच्छाशक्ति। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की योजनाओं की कांग्रेस ने बन्द कर दिया है साथ ही जो चल रही हैं उसका लाभ जनता को नही मिल रहा है हिमकेयर, सहारा योजना, ग्रीन एनर्जी, शगुन और स्वावलंबन योजना और योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सीमित होकर रह गई हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। जनता जवाब चाहती है, आपदा के पैसों का हिसाब, बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कार्रवाई और सरकार की विफलताओं पर जवाबदेही। धर्मशाला से जयराम ठाकुर के तीखे आरोपों ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। मनरेगा पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमने तो सिर्फ नाम बदला है जबकि यह पहले भी हो चुका है, वोट चोर और एस आई आर आर पार कांग्रेस को जवाब देते हुए उनोहने सोनिया गांधी की नागरिकता पर सवाल खड़ा किया, उन्होंने कहा कि कांग्रेस राम के नाम पर मनेरगा का नामकरण होने के कारण सवाल खड़ा कर रही है उन्हें महात्मा गांधी के नाम हटने की जगह राम नाम से परहेज है





















