सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। बिलासपुर के बचत भवन में पशुपालन विभाग और प्रशासन की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आवारा पशुओं के संरक्षण, जनसुरक्षा और गोसदन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की और इसमें जिले की प्रमुख सड़कों पर विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित रूप से हटाकर गोसदनों में स्थानांतरित करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही आवारा पशुओं के ट्रैकिंग और रिकॉर्डिंग को प्रभावी बनाने के लिए माहवार एवं स्रोतवार डेटा संधारण के निर्देश दिए गए, ताकि पशुओं की संख्या, स्थानांतरण और देखभाल का व्यवस्थित लेखा-जोखा रखा जा सके।
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बैठक में गोसदनों में पशुओं के स्वास्थ्य, चारे और स्वच्छता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत करने और ई-गोपाल योजना के तहत डिजिटल पंजीकरण व टैगिंग पर भी जोर दिया गया। वहीं, केंद्र सरकार के फोरकास्ट के आधार पर जिले में लम्पी स्किन डिजीज फैलने की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और पशुपालकों से समय पर वैक्सीनेशन कराने की अपील की गई। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में 14 गोसदन कार्यरत हैं, जिनमें 1561 गोवंश हैं और इनमें से 1325 को सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।





















