धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर पुलिस मुकदमा दर्ज होने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कार्रवाई को लेकर प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने सरकार के इस कदम को तानाशाही और अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार करार दिया है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठा रहे वकीलों पर केस दर्ज करना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार जनता और कानूनविदों की आवाज सुनने के बजाय उसे पुलिस के दम पर दबाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अपने खिलाफ उठते विरोध से पूरी तरह बौखला गई है।
भाजपा नेता ने इस घटनाक्रम की तुलना इतिहास से करते हुए कहा कि कांग्रेस का लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगाए गए आपातकाल (इमरजेंसी) से कर दी। वकीलों पर हुई इस कानूनी कार्रवाई के बाद अब प्रदेश में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।





















