भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में जारी एक बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव कांग्रेस की सुक्खू सरकार के खिलाफ एक स्पष्ट जनमत संग्रह साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्रिमंडल ने पुनर्गठन, रोस्टर और डिलिमिटेशन जैसे तकनीकी बहानों से इन चुनावों को टालने की हर संभव कोशिश की, लेकिन अंततः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद ही ये चुनाव आयोजित हो पाए। डॉ. बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों में जीत हासिल करने के लिए सत्ता, धनबल और प्रशासनिक मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग किया। इसके बावजूद, प्रदेश की जागरूक ग्रामीण और शहरी जनता ने सरकार के अहंकार और उसकी जनविरोधी नीतियों को खारिज करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से ‘वोट की चोट’ मारी है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि कांग्रेस सरकार अब सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और राज्य में नए सिरे से विधानसभा चुनाव करवाने चाहिए।
















