धर्मशाला(कांगड़ा) : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस के सभी अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों को सरकार में सम्मानजनक स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्होंने पार्टी के सभी फ्रंटियल संगठनों के पदाधिकारियों की सूची तैयार की थी और उन्हें सरकार में विभिन्न दायित्व दिए गए हैं, जबकि अन्य को जल्द ही जिम्मेवारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री आज कोतवाली बाजार स्थित सामुदायिक भवन में कांग्रेस सेवादल के गठन के सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सेवादल के पदाधिकारियों की मांग पर उन्हें भी जल्द सरकार में उचित ओहदा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को कुछ हद तक ठीक करने के बाद अब वे संगठन की ओर ध्यान देंगे। इस संबंध में जल्द ही पार्टी के फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार में संगठनमंत्री को ओएसडी का दर्जा दिया है, उनके पास जाकर वे अपना नाम दर्ज करवाएं और वे सभी से मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल की ओर से संगठन के गठन को लेकर दो मिनट की डाक्युमेंटरी भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि जब वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष थे तो उन्होंने ही कांग्रेस सेवादल के लिए शिमला स्थित राजीव भवन में एक कार्यालय की व्यवस्था करवाई थी। उन्होंने कहा कि यह संगठन सच्चे मन से पार्टी की सेवा करता है। उन्होंने सरकार की आर्थिक हालत के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि जब उन्होंने सरकार का दायित्व संभाला तो आर्थिक बदहाली के चलते कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनकी सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में ओपीएस की गारंटी को पूरा किया।
सीएम ने कहा कि ओपीएस देने का उनकी सरकार का फैंसला केंद्र सरकार को रास नहीं आया और प्रदेश को ओपीएस ना देने के बदले मिलने वाली 1250 करोड़ रुपये की ग्रांट रोक दी गई। वहीं प्रदेश की लोन लेने की सीमा में भी कटौती कर दी गई। उन्होंने बताया कि जहां पूर्व की भाजपा सरकार ने अपने अंतिम एक साल में 14 हजार करोड़ रुपये का लोन लिया था, वहीं उनकी सरकार के लिए बाधाएं पैदा करते हुए प्रदेश की ऋण सीमा कम करके महज 6600 करोड़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास करते हुए कई पुराने नियमों में बदलाव किया है और व्यवस्था परिवर्तन के तहत कुछ कड़े फैसले भी लिए गए हैं। इससे भले ही थोड़ी व्यक्तिगत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, मगर आने वाले समय में ये निर्णय समाज के लिए ठीक साबित होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर साल पेंशन देने में 10 हजार करोड़, कर्मचारियों को वेतन देने में 15 हजार करोड़ और लोन पर ब्याज की अदायगी के लिए 6000 करोड़ रुपये की राशि खर्च करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की पूर्व की डबल इंजन सरकार प्रदेश की आर्थिक दशा को सुधारने में केंद्र से कोई मदद ना ले सकी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने की कोशिश की है, जिसके चलते प्रदेश की 32 हजार करोड़ की आय में 20 फीसदी इजाफा दर्ज किया गया है। सीएम ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की बात सोची है इससे युवाओं को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने के लिए दो ही संपादाएं हैं इनमें पर्यटन और पानी शामिल हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पानी की लड़ाई शुरू की है। वहीं पर्यटन में निवेश को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। इसके तहत पहली बार पर्यटन के लिए बजट को 50 से बढ़ा कर 3000 करोड़ का बजट रखा गया है। जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क प्रोजैक्ट लगाया जा रहा है। आय के साधन बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। वे स्वयं रात के दो-दो बजे तक काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तीन गारंटियां पूरी की गई हैं और बाकी को पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने संगठन के बारे में जानकारी दी और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार में संगठन के कर्मठ पदाधिकारियों को जगह दी जाए और सभी जिलों में अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि जब भी संगठन का कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता किसी आम आदमी की समस्या लेकर आता है तो उसे तवज्जो दी जाए। कांग्रेस सेवादल के राज्य प्रभारी राम विलास रावत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश में कांग्रेस सेवादल का एक पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा सके। इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार, पर्यटन निगम के अध्यक्ष एवं विधायक आरएस बाली, विधायक इंद्रदत्त लाखनपाल, चंद्रशेखर, रवि ठाकुर, सुदर्शन बबलू, पूर्व विधायक अजय महाजन, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश समन्वयक(सोशल मीडिया) विक्रमजीत शर्मा समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।