धर्मशाला के गुरु स्टडी सेंटर के प्रबंध निदेशक (MD) रिशाद मोहम्मद ने एक प्रेसवार्ता में नीट परीक्षा रद्द होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने घोषणा की है कि परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों से उनका संस्थान दोबारा तैयारी के लिए कोई फीस नहीं लेगा। यह बड़ी राहत गुरु स्टडी सेंटर के पुराने छात्रों के साथ-साथ अन्य किसी भी संस्थान से पढ़े बच्चों को भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एक परीक्षा के आयोजन में 400 से 500 करोड़ रुपये का भारी खर्च आता है, जो परीक्षा रद्द होने के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गया है। रिशाद मोहम्मद ने बार-बार पेपर लीक होने को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की बड़ी नाकामी बताया है। उन्होंने आगाह किया कि पेपर लीक के सहारे डॉक्टर बनने वाले लोग भविष्य में समाज और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, इसलिए परीक्षा रद्द करने का फैसला सही है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिना कड़े कदमों के ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। इसके साथ ही उन्होंने मेहनत करने वाले छात्रों को ढांढस बंधाया कि वे परेशान न हों और री-नीट परीक्षा में दोबारा अपनी काबिलियत साबित कर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाएं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी राहत देते हुए NTA के आधिकारिक दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि री-नीट परीक्षा के लिए किसी भी छात्र से कोई अतिरिक्त आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।




















