सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टे और नशे के कारोबार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए आज 11 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। इन कर्मचारियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पुलिस बल का प्रमुख कर्तव्य कानून की रक्षा करना है, और यदि इसी बल के सदस्य ही अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिट्टे की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे से जुड़े मामलों की पूरी जानकारी और संबंधित कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण शीघ्र तैयार कर मुख्य सचिव को सौंपा जाए। उन्होंने जनता को भी अवैध नशे की तस्करी और गतिविधियों की सूचना देने के लिए 112 आपातकालीन नंबर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
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इसके अलावा, चिट्टे की मात्रा के आधार पर सूचना देने वाले व्यक्तियों के लिए वित्तीय ईनाम की घोषणा की गई, जिससे लोगों में जागरूकता और सहयोग बढ़े। बैठक में पुलिस महानिदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में एंटी-चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट और ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से इस अभियान को मजबूत करने की योजना की भी जानकारी दी।




















