हमीरपुर।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के नतीजे आते ही हमीरपुर में राजनीतिक बयानबाजी और गरमा गई है। प्रदेश के आयुष, विधि, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा द्वारा दिए गए एक बयान पर हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने कड़ा पलटवार किया है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के नतीजे आते ही हमीरपुर में राजनीतिक बयानबाजी और गरमा गई है। प्रदेश के आयुष, विधि, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा द्वारा दिए गए एक बयान पर हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने कड़ा पलटवार किया है।
‘सोल टोपी’ संस्कृति का प्रतीक, राजनीति का नहीं
विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि ‘सोल टोपी’ हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, सम्मान और उच्च संस्कारों का प्रतीक है। इसे किसी एक राजनीतिक दल के चश्मे से देखना और इस पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि हिमाचल में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मान के रूप में सोल टोपी पहनाने की परंपरा दशकों पुरानी है। इसे राजनीतिक रंग देकर इस परंपरा का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।
पंचायती राज चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा
चुनाव नतीजों का ब्योरा देते हुए विधायक आशीष शर्मा ने दावा किया कि हमीरपुर में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है:
- जिला परिषद: कुल 19 सीटों में से 15 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
- अन्य सीटें: 3 सीटों पर भाजपा की विचारधारा से जुड़े स्वतंत्र उम्मीदवार विजयी रहे हैं।
- कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस पार्टी पूरे जिले में केवल 1 सीट पर सिमट कर रह गई है।
- पंचायत स्तर: जिले के 80 से 90 प्रतिशत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच भाजपा विचारधारा के चुनकर आए हैं।
आशीष शर्मा ने कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें ऐसे बयानों से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों को राजनीतिक खेमों में बांटने का काम करते हों।
हमीरपुर को बड़ी सौगात: ₹19.12 करोड़ की पेयजल योजना को मंजूरी
राजनीतिक घमासान के बीच विधायक आशीष शर्मा ने क्षेत्र की जनता के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी साझा की। उन्होंने बताया कि नाल्टी अनुभाग के तहत आने वाली विभिन्न पेयजल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण और सुधार के लिए केंद्र सरकार और नाबार्ड (NABARD) की ओर से 19.12 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिल गई है।
योजना के मुख्य बिंदु:
- आधुनिक प्लांट: क्षेत्र में अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Water Treatment Plant) स्थापित किए जाएंगे।
- ऑटोमेशन तकनीक: पुरानी पंपिंग मशीनरी को हटाकर नई ऑटोमेशन तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।
- लाभ: योजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के हज़ारों ग्रामीणों को शुद्ध, स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी मिलेगा।





















