बिलासपुर: राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची ने आज यहाँ बचत भवन में जिला प्रशासन के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक हाल ही में संपन्न हुए पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के बाद आयोजित की गई थी [Indian Newspaper Style]। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया का विश्लेषण करना और भविष्य के लिए चुनावी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना था।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई
चुनाव आयुक्त ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफल चुनाव संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन और मतदान कर्मियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनाव बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहाँ हार-जीत का अंतर बहुत कम होता है। खाची ने कहा, “ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी जिला प्रशासन ने बेहतरीन तालमेल और कुशलता का परिचय देते हुए सफल संचालन सुनिश्चित किया।”
मतदाता सूचियों और प्रशिक्षण पर विशेष निर्देश
भविष्य के चुनाव प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आयुक्त ने अधिकारियों को तीन मुख्य क्षेत्रों पर काम करने के सख्त निर्देश दिए:
- सूचियों का शुद्धिकरण: मृत और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने और नए योग्य नागरिकों को जोड़ने के काम में तेजी लाई जाए।
- त्रुटिहीन डेटाबेस: भविष्य के विवादों को रोकने के लिए मतदाता सूचियों को पूरी तरह सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया जाए।
- एडवांस ट्रेनिंग: चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले ही कर्मियों के लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किए जाएं ताकि वे तकनीकी दिक्कतों को मौके पर ही हल कर सकें।
















