सोशल मीडिया पर आलोचना और अफवाहों को लेकर सहायक कोच ट्रेवर गोंसाल्वेस ने कहा कि टीम बाहरी बातों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने साफ किया कि ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह शांत है और खिलाड़ियों के बीच कोई अनबन नहीं है।
लगातार चार हार के बाद पंजाब किंग्स की टीम 11 मैचों में 13 अंकों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गई है। कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने शुरुआती सात में से छह मैच जीते थे। अब प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को अपने बचे हुए तीन मैचों में से कम से कम दो मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे।
इस सीजन पंजाब किंग्स की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी फील्डिंग रही है। टीम ने टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा 19 कैच छोड़े हैं। इस खराब फील्डिंग का सबसे ज्यादा नुकसान स्पिनर युजवेंद्र चहल को उठाना पड़ा है। कोचिंग स्टाफ का मानना है कि धर्मशाला मैदान की तेज फ्लडलाइट्स और दर्शकों के शोर के कारण कैचिंग में दिक्कतें आ रही हैं, जिसे अभ्यास के जरिए सुधारा जा रहा है।
पिछले मैच में युजवेंद्र चहल को गेंदबाजी न देने के फैसले पर स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल थी और सीम मूवमेंट को देखते हुए ही यह रणनीतिक फैसला लिया गया था। वहीं तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को लेकर मैनेजमेंट ने पूरा भरोसा जताया है कि वह आने वाले नॉकआउट जैसे मुकाबलों में शानदार वापसी करेंगे।
पंजाब किंग्स का अगला मुकाबला 14 मई 2026 को धर्मशाला में मुंबई इंडियंस के खिलाफ है। मुंबई की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। पंजाब किंग्स इस मैच को जीतकर दोबारा अपनी जीत की लय हासिल करने और प्लेऑफ में अपनी जगह मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।


















