धर्मशाला: धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाघनी पंचायत की एक छात्रा की कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के बाद हुई मौत ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने इसे अत्यंत दुखद और हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया है।
शुक्रवार को जारी बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर पीड़ित छात्रा के साथ मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें करने के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रदेश सरकार की बड़ी नाकामी को दर्शाती हैं।
पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं
सुधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें हर हाल में न्याय दिलवाकर रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस गंभीर मामले को दबाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कानून ऐसे लोगों को बख्शेगा नहीं।
उन्होंने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि पीड़ित छात्रा के साथ बीते वर्ष 18 सितंबर को कॉलेज में पढ़ने वाली तीन छात्राओं द्वारा मारपीट और धमकाने की घटनाएं हुई थीं। साथ ही कॉलेज के एक प्रोफेसर पर भी अश्लील हरकतों के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकार की नाक के नीचे हो रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
कॉलेज प्रबंधन और कुछ शिक्षकों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन और कुछ शिक्षकों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती। शर्मा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में रैगिंग जैसी भयावह घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
विधायक ने यह भी कहा कि धर्मशाला में विकास कार्य ठप पड़े हैं। कभी स्मार्ट सिटी और अन्य परियोजनाओं के लिए पहचाने जाने वाले इस शहर की छवि को वर्तमान सरकार नुकसान पहुंचा रही है।
भाजपा करेगी आंदोलन की चेतावनी
सुधीर शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे जांच के लिए पुलिस थाना धर्मशाला भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि बेटी की गंभीर स्थिति और सदमे के कारण वे पहले पुलिस को सूचना नहीं दे सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी, बल्कि मामले को दबाने वालों की भूमिका भी उजागर की जाएगी।





















