सिधिविनायक टाइम्स शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में प्रदेश में चल रही ठेकेदार समर्थित स्थानांतरण नीतियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले अब लोकसेवकों और प्रदेशवासियों के हित की बजाय ठेकेदारों की सहूलियत के अनुसार लिए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। ठाकुर ने पेखुबेला परियोजना के मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह अधिकारियों पर ठेकेदार दबाव डालते हैं और मनमाफिक कार्रवाई करवाई जाती है, वह भ्रष्टाचार और अराजकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा ऐसे मनमाने स्थानांतरणों को रोकने की सराहना की, लेकिन चेतावनी दी कि प्रदेश को ऐसी व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है जो भ्रष्टाचार को जन्म देती हो। इस बीच, केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार के प्रतिनिधि मंडल ने जय राम ठाकुर से मुलाकात कर हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने में न्यायालय में हो रही देरी पर चिंता जताई।
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ठाकुर ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाएंगे। इसके अलावा, जय राम ठाकुर ने बीवी-जी राम जी विधेयक के पारित होने का स्वागत किया और इसे सुशासन, पारदर्शिता और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का प्रभावी क्रियान्वयन देश की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा और भारतीय जनता पार्टी हमेशा जनहित के फैसलों का समर्थन करती रहेगी।




















