शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी महिलाओं को दी गई ₹1500 की गारंटी सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। उन्होंने सरकार से सीधा हिसाब मांगते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 10 लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए अपने जरूरी दस्तावेज बनवाने में समय और पैसा खर्च किया था, लेकिन आज उन फॉर्म्स का कोई पता नहीं है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भरवाए गए फॉर्म कांग्रेस कार्यालयों में धूल चाटते रहे और अब नई शर्तों के जाल में फंसाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के उन वादों पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने अप्रैल महीने से मनाली और सुलह की महिलाओं के खातों में पैसे डालने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि मई का महीना शुरू हो चुका है लेकिन महिलाओं के हाथ खाली हैं, जो प्रदेश की मातृशक्ति के साथ सीधा धोखा है। ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि इस ‘सुख की सरकार’ ने नई गारंटी तो पूरी नहीं की, बल्कि शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी पुरानी जन-कल्याणकारी योजनाओं को भी ठप कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की महिलाएं अब चुप नहीं बैठेंगी और अपने भरे हुए फॉर्म्स का स्टेटस और हक मांग रही हैं।




















