हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच गुरुवार से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले छह दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने खराब मौसम के इस दौर को देखते हुए अलर्ट जारी कर स्थानीय लोगों और सैलानियों को सतर्क रहने की विशेष सलाह दी है। कुल्लू से प्रिया शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसमी बदलाव से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में मौसम का सबसे तीव्र असर देखने को मिल सकता है, जिसके कारण इन चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के शेष अधिकांश हिस्सों में यलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान मैदानी और मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे बड़े पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित होने और पहाड़ी रास्तों पर यातायात प्रभावित होने का बड़ा खतरा है। मौसम की यह गतिविधियां आगे भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में लगातार जारी रहेंगी, जिसके लिए विभाग ने स्थानीय स्तर पर बिजली कड़कने और अंधड़ की चेतावनी दी है।
हालांकि आगामी दिनों के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, लेकिन फिर भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर लगातार चलता रहेगा। इस भारी बदलाव के चलते राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज होने का अनुमान है, जिससे पिछले कई दिनों से सामान्य से अधिक तापमान और उमस झेल रहे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। शिमला मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा ने आम जनता के साथ-साथ विशेषकर किसानों, बागवानों और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम के हर ताजा अपडेट पर कड़ी नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।




















