धर्मशाला, 27 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ प्रभारी तथा पूर्व सांसद रजनी पाटिल ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीबीओएसई) के धर्मशाला स्थित मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बोर्ड की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और शिक्षा क्षेत्र में लागू किए जा रहे डिजिटल एवं प्रशासनिक सुधारों की सराहना की।
शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने रजनी पाटिल का स्वागत करते हुए उन्हें बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों के हित में शुरू की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावशाली और डिजिटल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बोर्ड ने प्रमाण पत्रों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन, डिजिटल मार्कशीट की उपलब्धता और उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन (स्क्रीन इवैल्यूएशन) जैसी आधुनिक प्रणालियों को लागू किया है, जिससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आई है।
रजनी पाटिल ने इन सुधारों पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी युग में शिक्षा बोर्डों का अपडेट होना बेहद जरूरी है। डॉ. राजेश शर्मा के नेतृत्व में एचपीबीओएसई ने जिस तरह से तकनीक को अपनाया है, वह अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्डों के लिए भी एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पहलों से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों और परिणामों के लिए बार-बार मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इस अवसर पर बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्य अतिथि को बोर्ड की आगामी योजनाओं से अवगत कराया।





















