त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में आई गंभीर प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना नहीं, बल्कि वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा देना रही। उन्होंने कहा कि बोह और आसपास के क्षेत्रों के पीड़ित परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं और राहत के लिए तरस रहे हैं और खुले आसमान के नीचे संघर्ष करने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, सरकार का पूरा ध्यान मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दौरों की तैयारियों, स्वागत और सरकारी विश्राम गृहों की साज-सज्जा पर केंद्रित रहा। कपूर के अनुसार, मुख्यमंत्री के आगमन से पहले शाहपुर और रैत के विश्राम गृहों में रातों-रात नए परदे, सोफे और पठानकोट से विशेष फर्नीचर मंगवाकर उन्हें चमकाया गया, जो सरकार की संवेदनहीनता और जनता के दर्द के प्रति उसकी बेरुखी को साफ दर्शाता है।





















