सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए लम्बित तक़सीम और दुरुस्ती मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जनवरी, 2026 के बाद सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को तक़सीम मामलों की सुनवाई करेंगे, ताकि समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर माह कम से कम 12 दिन तकसीम मामलों की सुनवाई की जाएगी और प्रत्येक शनिवार को ज़िला उपायुक्त इस प्रगति की समीक्षा करेंगे। समीक्षा रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को प्रस्तुत की जाएगी, जो राजस्व मंत्री तक पहुंचेगी और हर माह के अंतिम सोमवार को मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को प्रदेश की निजी, वन और सरकारी भूमि का सम्पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए और राजस्व अदालतों में लम्बित मामलों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुरुस्ती से संबंधित सभी लम्बित मामलों को 31 मार्च, 2026 तक निपटाया जाना चाहिए। लम्बित मामलों के त्वरित समाधान के लिए सेवानिवृत्त पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को पुनः नियुक्त किया जाएगा।
यह भी पढ़ें:https://sidhivinayaktimes.com/asecretariat-employees-cooperativesociety/
इसके साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों और कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि राजस्व मामलों का निपटारा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से हो सके। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी समयबद्ध समाधान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि अक्तूबर, 2023 से अब तक प्रदेश में 4,24,368 इंतकाल, 25,918 तक़सीम, 47,075 निशानदेही और 12,896 दुरुस्ती मामलों का निपटारा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार लम्बित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और राजस्व व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जिम्मेदार बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





















