सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें निगम की वित्तीय स्थिति, कार्यों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को हर माह 7 तारीख तक जारी करने के निर्देश दिए, ताकि कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिल सके और उनके दैनिक खर्चों में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समय पर भुगतान व्यवस्था सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में निगम की वित्तीय समीक्षा भी की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि वित्त वर्ष 2023-24 में निगम का टर्नओवर 275 करोड़ रुपये रहा और शुद्ध लाभ 15 करोड़ रुपये रहा। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में टर्नओवर बढ़कर 300 करोड़ रुपये पहुंच गया और शुद्ध लाभ 18 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। चालू वित्त वर्ष में 31 दिसंबर, 2025 तक निगम ने 199.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
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मुख्यमंत्री ने निविदाओं पर लागू तकनीकी शुल्क में संशोधन के निर्देश भी दिए और कहा कि 5 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 5 प्रतिशत, 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 3 प्रतिशत तथा 10 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडरों पर 2 प्रतिशत तकनीकी शुल्क निर्धारित किया जाए, जिससे प्रक्रिया अधिक व्यवहारिक और संतुलित हो सके। बैठक में एचपीएसईडीसी के नाम में परिवर्तन को भी मंजूरी दी गई; अब इसे ‘हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनपावर एवं ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉरपोरेशन’ के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि निगम अब राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव, वित्त विभाग, उद्योग एवं डीडीटीजी के वरिष्ठ अधिकारी और एचपीएसईडीसी के बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे।





















