शिमला में पंचायत चुनावों के आरक्षण (रोस्टर) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई, पंचायतों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। भाजपा का मुख्य विरोध इस बात पर है कि सरकार ने रोस्टर जारी करने में पारदर्शिता नहीं दिखाई और कथित तौर पर रात के समय अधिसूचना जारी करके अपने समर्थकों को फायदा पहुँचाने की कोशिश की।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा करने के लिए ‘नियम 67’ के तहत स्थगन प्रस्ताव पेश किया। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने तकनीकी सवाल उठाते हुए कहा कि उपायुक्त (DC) को 5 प्रतिशत रोस्टर बदलने का अधिकार देना पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने तर्क दिया कि 2011 की जनगणना के पुराने आंकड़ों के आधार पर और जनता की राय लिए बिना ऐसे बदलाव करना पूरी तरह गलत है। इस हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित भी करना पड़ा।

















