शिमला, 16 अप्रैल – रजनी पाटिल ने प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों से एकजुट होकर टीम वर्क की भावना से काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज देश में उस विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रही है जो संविधान को कमजोर करने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को न केवल भाजपा बल्कि भारत निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं के स्तर पर भी संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक को संबोधित करते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि पार्टी “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि एक जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को राज्यसभा भेजा गया, जो राहुल गांधी की सोच का परिणाम है।
उन्होंने आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को आगे लाने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करना सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है, जिसे पूरी ईमानदारी से निभाना होगा।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि जल्द ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। साथ ही 25–30 सदस्यों की मजबूत कमेटियां गठित करने पर बल दिया, जिनमें अग्रणी संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
प्रदेश संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने जानकारी दी कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक “कनेक्ट सेंटर” स्थापित किया गया है, जो पदाधिकारियों के कार्यों की समय-समय पर समीक्षा करेगा। उन्होंने संगठन में अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सह-प्रभारी विदित चौधरी ने पदाधिकारियों से अपनी क्षमता पहचानने और आपसी समन्वय के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में उपस्थित जिला अध्यक्षों, महासचिवों और उपाध्यक्षों ने भी अपने विचार साझा किए।
इसके अतिरिक्त, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक में रजनी पाटिल ने नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को मजबूती से लड़ने की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।



















