तम्बाकू के सेवन से टीबी होने का खतरा सामान्य लोगों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा बढ़ जाता है। धर्मशाला में आयोजित एक वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने बताया कि तम्बाकू फेफड़ों को नुकसान पहुँचाने के साथ शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर करता है, जिससे टीबी का इलाज भी मुश्किल हो जाता है और मृत्यु का जोखिम बढ़ता है।
कांगड़ा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक करोल के अनुसार साल 2026 में अब तक पंजीकृत 977 टीबी मरीजों में से 20 प्रतिशत यानी 200 लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं, जिनमें से 163 मरीजों को काउंसलिंग के लिए तम्बाकू निषेध हेल्पलाइन से जोड़ा गया है। इसके साथ ही देश में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ के 70 दिन पूरे हो चुके हैं और इसके तहत अब तक 187 विशेष कैंप लगाए जा चुके हैं।

















