हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगाने पर कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि सरकार एक तरफ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है और दूसरी तरफ शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में झोंक रही है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस फैसले को बदलने की मांग की है। उनका आरोप है कि पहले शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया और अब जनगणना के काम में लगाया जा रहा है। कई स्कूलों में तो स्टाफ पहले से ही कम है। उदाहरण के लिए जहां 15 शिक्षक हैं, वहां से 8 से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इससे मुख्य विषयों की पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। संघ ने सरकार से अपील की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए जनगणना के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।



















