सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ने अपनी गौरवशाली परंपरा को सजीव रूप देते हुए 104 वर्षीय सबसे वरिष्ठ जीवित पूर्व छात्र एवं अविभाजित पंजाब के वरिष्ठतम जीवित पूर्व विधायक सही राम बिश्नोई को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार प्रो. वाई. पी. वर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने शाल, सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए। कुलपति प्रो. रेनू विग ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे संवाद करते हुए कहा कि सही राम बिश्नोई विश्वविद्यालय की उस विरासत का प्रतीक हैं, जो लाहौर से चंडीगढ़ तक की ऐतिहासिक यात्रा और मूल्यों को दर्शाती है।
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जनवरी 1922 में जन्मे बिश्नोई ने विभाजन से पूर्व पंजाब यूनिवर्सिटी, लाहौर में विधि शिक्षा प्रारंभ की और बाद में ईस्ट पंजाब यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की। सामाजिक सेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण के चलते वे 1957 में विधायक निर्वाचित हुए। विश्वविद्यालय ने उनके शिक्षा, पुनर्वास और समाज सेवा में योगदान को प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें एलुमनाई एसोसिएशन की मानद सदस्यता देने की भी घोषणा की।




















