सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। प्रदेश में पर्यटन को सशक्त आधार प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार एशियन विकास बैंक के सहयोग से बड़े स्तर पर विकास परियोजनाएं क्रियान्वित कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में पर्यटन विकास से जुड़ी इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2350 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि इनका लाभ शीघ्र जनता और पर्यटकों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश को एक मजबूत पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए सुनियोजित प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कनेक्टिविटी, परिवहन और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें हेलीपोर्ट निर्माण, हवाई अड्डों का विस्तार और सड़क नेटवर्क का सुधार शामिल है।
उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पालमपुर और नगरोटा बगवां में शहरी सौंदर्यीकरण, पार्किंग, सार्वजनिक स्थलों के विकास और विरासत स्थलों के संरक्षण से जुड़ी कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, हमीरपुर, धर्मशाला, कुल्लू, मनाली और शिमला सहित अन्य क्षेत्रों में वेलनेस सेंटर, आइस स्केटिंग रिंक, धार्मिक स्थलों के विकास, साहसिक खेल सुविधाओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के कार्य विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एडीबी के सहयोग से प्रस्तावित आगामी परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को नई पहचान देंगी और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने भी पर्यटन विकास बोर्ड के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





















