धर्मशाला: भाजपा नेता और पूर्व कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय हितों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। धर्मशाला में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार लगभग 4 लाख पूर्व कर्मियों के डीए एरियर और अन्य लाभों को दबाकर बैठी है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण भत्ते अभी तक नहीं मिल पाए हैं, जिससे उन्हें अपनी बीमारी और अन्य पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाई हो रही है।
उन्होंने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि महंगाई भत्ते की 15 फीसदी किस्तें लंबित हैं और एचआरटीसी के पेंशनभोगियों को महीने के अंत में पेंशन मिलना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में न लाने पर भी रोष जताया। घनश्याम शर्मा ने चेतावनी दी कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले जो बड़े वादे किए थे, वे अब केवल खोखले आश्वासन साबित हो रहे हैं। करीब 18 हजार करोड़ की देनदारियों का इंतजार कर रहे इन पूर्व कर्मियों ने अब सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है, जिसका असर आगामी नगर निगम चुनावों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।





















