सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। जिला मुख्यालय कुल्लू के ढालपुर मैदान में 27 जनवरी से एक ओपन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर जिले के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कुल्लू जिला क्रिकेट एसोसिएशन (केडीसीए) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देना है, बल्कि उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखते हुए खेलों की ओर प्रेरित करना भी है। यह जानकारी केडीसीए के पदाधिकारी दानवेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। दानवेंद्र सिंह ने बताया कि केडीसीए बीते कई वर्षों से जिले में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और इस तरह की ओपन प्रतियोगिताएं उभरते खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के चरित्र निर्माण के साथ-साथ अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करता है। इसी सोच के तहत इस बार प्रतियोगिता का मुख्य संदेश “नशे से दूर रहें – नो मोर ड्रग्स” रखा गया है, ताकि युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। प्रतियोगिता को लेकर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि टीमों के पंजीकरण की अंतिम तिथि पहले आज तक निर्धारित की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से सर्वर डाउन होने के चलते कई टीमें आवेदन नहीं कर पाईं। इसे ध्यान में रखते हुए एंट्री की अंतिम तिथि अब 24 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।
प्रतियोगिता का ड्रॉ 25 जनवरी को निकाला जाएगा, जबकि मुकाबलों की शुरुआत 26 जनवरी से होगी। चयनित टीमें ढालपुर मैदान में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगी।दानवेंद्र सिंह ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि कुल्लू जिले में खेलों के लिए एक स्थायी और आधुनिक खेल मैदान उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे अंतराल के बाद जिले में इस स्तर की ओपन क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। केडीसीए के माध्यम से अब तक कई खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर चुके हैं।उन्होंने “बेटी अनमोल” योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस पहल के तहत कई युवतियों को खेलों से जोड़कर आगे बढ़ने का मौका मिला है। उन्होंने खराहल की जमुना देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि खेलों ने उनके जीवन को नई दिशा दी और आज वह फॉरेस्ट गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। अंत में दानवेंद्र सिंह ने जिले के युवाओं से अपील की कि वे खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, नशे से दूर रहें और स्वस्थ, सकारात्मक व उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।




















