सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में जारी बयान में सुक्खू सरकार के मनरेगा से जुड़े अनशन को राजनीतिक दिखावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्रामीण आजीविका गारंटी योजना के विरोध में किया जा रहा अनशन जनहित से नहीं, बल्कि कांग्रेस आलाकमान को खुश करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया नया कानून ग्रामीण विकास में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें डिजिटलीकरण और बायोमेट्रिक उपस्थिति जैसी व्यवस्थाओं से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।
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उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर पंचायतों के अधिकारों की बात की जा रही है, जबकि दूसरी ओर पंचायत चुनाव रोककर पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन पंचायतों में महीनों से मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिला, वहां की स्थिति पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल नामों की राजनीति कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि नई व्यवस्था में रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी, बेहतर गुणवत्ता वाले कार्य और ग्रामीणों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।





















