मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा शिमला नगर निगम के लिए 10 इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाना हिमाचल प्रदेश के शहरी प्रबंधन में एक युगांतरकारी बदलाव की शुरुआत है। पीछे मुड़कर देखें तो यह स्पष्ट होता है कि नगर निगम शिमला ने इस तकनीक को अपनाकर राज्य के अन्य निकायों के लिए एक मिसाल कायम की है। साल 2025 के अंत में किए गए सफल परीक्षणों ने यह साबित कर दिया था कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन जलवायु के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहन पहाड़ी रास्तों पर पूरी तरह सक्षम हैं। यह कदम न केवल बढ़ते ईंधन खर्च को कम करने में सहायक होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। भविष्य की दृष्टि से देखा जाए, तो कूड़ा प्रबंधन बेड़े का यह विद्युतीकरण हिमाचल को ‘हरित राज्य’ बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक ठोस और सराहनीय प्रयास है।



















