हमीरपुर:
हमीरपुर जिला में पंचायती राज चुनावों को लेकर चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। इसी कड़ी में जंगल रोपा वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी अनिल कुमार भी लगातार सघन जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी गांव-गांव जाकर प्रचार करते नजर आ रहे हैं। हालांकि अनिल कुमार लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन इस बार पार्टी की ओर से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। चुनाव प्रचार के दौरान अनिल कुमार ने दोटूक कहा कि वह किसी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार नहीं, बल्कि पूरी तरह से जनता के प्रत्याशी हैं और स्थानीय जनता के कहने पर ही यह चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के लोग उन्हें भरपूर समर्थन और आशीर्वाद दे रहे हैं।
हमीरपुर जिला में पंचायती राज चुनावों को लेकर चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। इसी कड़ी में जंगल रोपा वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी अनिल कुमार भी लगातार सघन जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी गांव-गांव जाकर प्रचार करते नजर आ रहे हैं। हालांकि अनिल कुमार लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन इस बार पार्टी की ओर से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। चुनाव प्रचार के दौरान अनिल कुमार ने दोटूक कहा कि वह किसी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार नहीं, बल्कि पूरी तरह से जनता के प्रत्याशी हैं और स्थानीय जनता के कहने पर ही यह चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के लोग उन्हें भरपूर समर्थन और आशीर्वाद दे रहे हैं।
अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए अनिल कुमार ने कहा कि उनका मुख्य फोकस युवाओं और महिलाओं के उज्जवल भविष्य के लिए काम करना रहेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को करियर काउंसलिंग की सही जानकारी नहीं मिल पाती, इसलिए उनकी कोशिश रहेगी कि हर पंचायत स्तर पर करियर काउंसलिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें स्वयं सहायता समूहों से प्रभावी ढंग से जोड़ने की दिशा में भी मजबूत कार्य किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है और इसमें जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। पार्टी की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायती राज चुनाव किसी पार्टी चिन्ह पर नहीं होते, इसलिए जनता को खुलकर केवल उसी प्रत्याशी को चुनना चाहिए जो उनके क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर और ईमानदार विकल्प लगे। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने संगठन से बहुत कुछ सीखा है और आज वह जो कुछ भी हैं, उसी संगठन के अनुभवों की बदौलत हैं।



















