कांग्रेस सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी है और अब फाइनल खेलने लायक भी नहीं बची है। जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकार दिया है, इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। नगर निगमों से जिला परिषद और बीडीसी तक भाजपा की सुनामी आई है और कांग्रेस का प्रदेशभर में सूपड़ा साफ हो गया है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने शिमला में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव परिणामों ने सूबे की राजनीति की दिशा और दशा दोनों स्पष्ट कर दी हैं। जनता ने कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा के पक्ष में अभूतपूर्व जनादेश देकर यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों को करवाने से बचती रही। कभी पुनर्गठन का बहाना, कभी रोस्टर का बहाना, कभी डिलिमिटेशन का बहाना और कभी अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर चुनावों को टालने का प्रयास किया गया। सरकार को पहले से आभास था कि जनता के बीच जाने पर उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा। अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े और परिणाम वही आए जिसका अंदेशा कांग्रेस को पहले से था।
उन्होंने चुनाव नतीजों का ब्योरा देते हुए कहा कि चार नगर निगमों में हुए चुनावों में तीन प्रमुख नगर निगमों मंडी, धर्मशाला और सोलन में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। नगर परिषदों में 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। जिला परिषद चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस मात्र 60 पर सिमट गई।



















