शिमला, 1 जून 2026। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने आज जनगणना कार्य निदेशालय के ‘स्व-गणना अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है। इसके सटीक आंकड़े ही देश और प्रदेश की नीतियों, विकास कार्यों तथा लोक-कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण का मुख्य आधार बनते हैं। आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संसाधनों के सही वितरण में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने विशेष रूप से जानकारी दी कि देश के इतिहास में पहली बार ‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी बनेगी। इस बार आम जनता को घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज करने के लिए ‘स्व-गणना’ की विशेष सुविधा दी गई है।
इस अभियान के तहत 01 जून से 15 जून 2026 के बीच आम नागरिक स्व-गणना पोर्टल (se.census.gov.in) पर लॉग-इन कर अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर मिलने वाली ‘स्व-गणना आईडी’ को बाद में घर आने वाले प्रगणक के साथ साझा करना होगा। इसके बाद 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक प्रदेश में जनगणना का प्रथम चरण शुरू होगा, जिसमें प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर मकान की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े 33 अधिसूचित प्रश्नों की जानकारी जुटाएंगे। राज्यपाल ने जनता को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। उन्होंने “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संकल्प के साथ सभी प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सही जानकारी दर्ज कराने की अपील की है ताकि एक सशक्त और समावेशी प्रदेश का निर्माण किया जा सके।


















