मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से 1 जून से 20 अगस्त तक ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के दूसरे चरण की घोषणा की है। सरकार ने नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसके तहत नशा तस्करी में शामिल पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है और अब तक 21 पुलिसकर्मियों पर यह गाज गिर चुकी है। इस अभियान के दौरान स्कूलों और पंचायतों में जागरूकता फैलाने के लिए डीसी और एसपी स्तर के अधिकारी खुद फील्ड में उतरेंगे। हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने तस्करी की गंभीरता के आधार पर पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है, जिसमें से 234 पंचायतें चिट्टे से प्रभावित चिन्हित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस की सख्त कार्रवाई और जनभागीदारी से इस अभियान को अब एक सामाजिक आंदोलन बनाया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सके।




















