नई दिल्ली / शिमला। भारत में मार्शल आर्ट्स और कुश्ती के आधुनिक स्वरूप ‘ग्रैपलिंग’ को नई दिशा और ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार को सर्वसम्मति से भारतीय ग्रैपलिंग संघ (Grappling Federation of India) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस संबंध में संघ के महासचिव सुबोध कुमार यादव ने आधिकारिक पत्र जारी कर उन्हें इस महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रो. सिकंदर कुमार एक अनुभवी राजनेता होने के साथ-साथ शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में भी लंबा अनुभव रखते हैं। उनकी नियुक्ति को खेल जगत में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में ग्रैपलिंग खेल को सरकारी स्तर पर अधिक समर्थन मिलेगा तथा नीति और बजट में भी इसे बेहतर स्थान प्राप्त होगा, जिससे खिलाड़ियों को नई सुविधाएं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
भारतीय ग्रैपलिंग संघ के अनुसार, प्रो. कुमार का सार्वजनिक जीवन और खेलों के प्रति उनका लगाव संगठन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। संघ का मानना है कि उनके मार्गदर्शन से न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि देशभर में इस खेल के विस्तार को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही उम्मीद जताई गई है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रैपलिंग प्रतियोगिताओं में अधिक पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
गौरतलब है कि भारतीय ग्रैपलिंग संघ (GFI) को विश्व की प्रमुख कुश्ती संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) से मान्यता प्राप्त है। भविष्य में ग्रैपलिंग को संभावित ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने की संभावनाओं को देखते हुए यह नियुक्ति भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चेयरमैन के रूप में प्रो. सिकंदर कुमार देश के विभिन्न राज्यों में खेल अकादमियों की स्थापना और युवाओं को नशे से दूर कर खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए विशेष पहल कर सकते हैं। उनकी नियुक्ति का हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश के खेल प्रेमियों, खेल संघों और सामाजिक संस्थाओं ने स्वागत किया है तथा उन्हें बधाइयों और शुभकामनाओं का तांता लग गया है।


















