सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। कांगड़ा के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के कोटला मंडल में आयोजित भाजपा संगठनात्मक परिचय बैठक एवं सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरते हुए संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में सफलता के लिए अनुशासन, रणनीति और संगठनात्मक मजबूती अनिवार्य है। ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां पार्टी के लिए मेहनत के बावजूद परिणाम नहीं मिल रहे हैं, वहाँ प्रभावी नेताओं और नए लोगों को जोड़ने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि किसी भी नेता की जिद या अड़ियल रवैये के कारण नए कार्यकर्ताओं का विरोध नहीं होना चाहिए, क्योंकि विचारधारा के साथ सबको जोड़कर ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उन्होंने पार्टी में अनुशासन को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जो लोग संगठन की सीमाओं का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के तीन साल के शासन ने प्रदेश को विकास की दौड़ में पीछे कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर ‘बदले की भावना’ से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का इतिहास उन संस्थानों को बंद करने के नाम पर याद रखा जाएगा, जिन्हें बजट के माध्यम से खोला गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिपक्वता का अभाव है, जहाँ मंत्री मुख्यमंत्री से असंतुष्ट हैं और मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कार्यकर्ताओं से उन्होंने अपील की कि वे कांग्रेस की “झूठी गारंटियों” और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता तक पहुंचें और पार्टी को मजबूत करें।
यह भी पढ़ें:https://sidhivinayaktimes.com/3-killed-in-road-accidnjured-admittehospital/
इस अवसर पर पूर्व विधायक अर्जुन ठाकुर, हरवंश राणा, पूर्व प्रत्याशी संजय गुलेरिया, प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, जिलाध्यक्ष राजेश काका सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। उसी कार्यक्रम के दौरान ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जयराम ठाकुर ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” का उद्घोष आज भी देश की आत्मा और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेताजी के आदर्शों को अपनाकर ही हम विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं और उनकी राष्ट्रभक्ति व त्याग हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर रहेगी।





















