सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। धर्मशाला में तिब्बतन पार्लियामेंट इन-एक्ज़ाइल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कांगड़ा-चंबा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने तिब्बतन सांसदों के साथ शांति, संस्कृति और बौद्ध धर्म के विकास को लेकर चर्चा की। बैठक में तिब्बतन पार्लियामेंट के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और अन्य सांसद उपस्थित थे। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र में महामहिम दलाईलामा निवास करते हैं, जो विश्वभर में शांति और करुणा के प्रतीक हैं, और उन्होंने यह स्पष्ट किया कि तिब्बतन समुदाय की किसी भी आवश्यकता को वे केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुंचाएंगे। सांसद ने बताया कि भारत और तिब्बत का संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवतावादी मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने धर्मशाला में बुद्ध विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया और कहा कि यह शांति, करुणा और बौद्ध दर्शन को संस्थागत रूप देगा।
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बैठक में तिब्बतन सांसदों ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा तिब्बतन समुदाय को परिवार की तरह अपनाया और सुरक्षा प्रदान की है। इस अवसर पर डॉ. भारद्वाज ने यह भी आश्वासन दिया कि संसद में वह बुद्ध विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को लेकर सक्रिय कदम उठाएंगे। बैठक में हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु और धर्मशाला नगर निगम के पूर्व महापौर ओंकार सिंह नहरिया समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह बैठक धर्मशाला को बौद्ध दर्शन और शांति का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

















