हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित एसडीएम कार्यालय में उद्योग विभाग द्वारा एमएसएमई मंत्रालय के रैम्प कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल साक्षरता, ब्रांड निर्माण और सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जीईएम पोर्टल से जोड़ना था ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल ने सभी से सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
आधुनिक व्यवसाय और सफलता के मूल मंत्र
महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल ने उद्यमियों को आधुनिक बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिकने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी कि वे अपने व्यवसाय का नियमित रिकॉर्ड रखें और डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता बनाए रखना ही आज के समय में आधुनिक व्यवसाय की सफलता की असली कुंजी है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लाभ
कार्यशाला में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई। इस योजना के अंतर्गत नया उद्यम शुरू करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में पचास लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र में बीस लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार द्वारा इस योजना में ग्रामीण और विशेष क्षेत्र के विकास के लिए महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को पैंतीस प्रतिशत तक का भारी अनुदान यानी सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।
अन्य प्रमुख सरकारी वित्तीय योजनाएं
इस कार्यक्रम के दौरान छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने वाली कई अन्य वित्तीय योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें छोटे व्यवसायों को बिना किसी गारंटी के दस लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने वाली मुद्रा योजना शामिल है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को मजबूत बनाने के लिए एक करोड़ रुपये तक की स्टैंड-अप इंडिया योजना और बिना कोलेटरल के व्यापार विस्तार में मदद करने वाली क्रेडिट गारंटी योजना के बारे में भी उद्यमियों को जागरूक किया गया।

















