मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के आधुनिकीकरण और शहरी सौंदर्य को बढ़ाने के लिए ₹246 करोड़ की लागत वाली भूमिगत यूटिलिटी डक्ट परियोजना की आधारशिला रखी है। इस दूरदर्शी योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में बिजली, पानी और केबल जैसी जरूरी नागरिक सेवाओं को जमीन के नीचे एक व्यवस्थित नेटवर्क में लाना है ताकि सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत न पड़े।
यह अत्याधुनिक डक्ट नेटवर्क छोटा शिमला-विलीपार्क-चौड़ा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर और शेर-ए-पंजाब-सीटीओ चौक वाया लोअर बाजार जैसे व्यस्त क्षेत्रों में तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को निर्माण कार्यों के कारण होने वाली रोज-रोज की असुविधा से हमेशा के लिए राहत मिलेगी। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य शिमला के ऐतिहासिक और पारंपरिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए इसे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक एक टिकाऊ और नागरिक-अनुकूल स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करना है।
















