हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र में बाल विवाह के दो गंभीर मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं का खुलासा तब हुआ जब दोनों नाबालिग लड़कियां गर्भवती अवस्था में चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं। पहले मामले में एक प्रवासी मूल की लड़की ने नादौन के स्थानीय युवक से शादी की थी और आधार कार्ड के अनुसार उसकी उम्र 17 साल 8 महीने पाई गई। वहीं दूसरे मामले में एक अन्य प्रवासी लड़की गर्भवती पाई गई जिसकी उम्र दस्तावेजों में मात्र 15 वर्ष दर्ज है।
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर नादौन पुलिस ने दोनों मामलों में पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि लड़कियों का दावा है कि उनकी वास्तविक उम्र 18 वर्ष से अधिक है और आधार कार्ड में त्रुटि है, लेकिन पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता और शादी की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। भारतीय कानून के अनुसार लड़की की शादी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने पर कठोर कारावास व जुर्माने का प्रावधान है।




















