कुल्लू: जिला कुल्लू में आज मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत दी है। सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा रहा और रुक-रुक कर हुई हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आई इस ठंडक के कारण स्थानीय निवासियों और यहां घूमने आए पर्यटकों ने एक बार फिर गर्म कपड़े निकाल लिए हैं और घाटी में फिर से सर्दी का एहसास होने लगा है।
तापमान में गिरावट और सुहावना मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, आज कुल्लू का अधिकतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री के आसपास सिमट सकता है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते पूरे क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आज कुल्लू का अधिकतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री के आसपास सिमट सकता है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते पूरे क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं।
अगले कुछ दिनों के लिए विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने कुल्लू सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान करीब 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 से 7 मई तक कुल्लू में मौसम इसी तरह बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने कुल्लू सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान करीब 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 से 7 मई तक कुल्लू में मौसम इसी तरह बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की उम्मीद है।
प्रशासन की अपील: बरतें सावधानी
बारिश जहां राहत लेकर आई है, वहीं इसने पहाड़ों पर फिसलन और भूस्खलन (Landslide) के खतरे को भी बढ़ा दिया है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बारिश जहां राहत लेकर आई है, वहीं इसने पहाड़ों पर फिसलन और भूस्खलन (Landslide) के खतरे को भी बढ़ा दिया है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
















