विशेष संवाददाता
हमीरपुर, 30 मई
हमीरपुर, 30 मई
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे और अंतिम चरण के तहत आज हमीरपुर जिला की 77 ग्राम पंचायतों में लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, क्षेत्र में तेज बारिश ने खलल डाल दिया। मौसम के बदले मिजाज के कारण शुरुआती घंटों में मतदान की गति काफी धीमी रही और पोलिंग बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। उदाहरण के तौर पर स्वहाल पंचायत के पोलिंग बूथ पर सुबह के समय स्थिति यह थी कि मतदाता बिना किसी कतार के सीधे जाकर अपना वोट डाल रहे थे।
चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। सभी संवेदनशील और सामान्य मतदान केंद्रों पर पुलिस और गृह रक्षकों के जवानों की पैनी नजर रही, जिसके चलते पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। दोपहर होते-होते जैसे ही मौसम साफ हुआ, ग्रामीण क्षेत्रों के परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिला और पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
इस बार के ग्रामीण चुनावों में पारंपरिक मुद्दों से हटकर स्थानीय समस्याओं, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और गांवों के समग्र विकास का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। मतदान केंद्रों पर पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे युवा मतदाताओं में देश और समाज के प्रति एक अलग ही जिम्मेदारी का भाव और चमक दिखाई दी।
पहली बार पोलिंग बूथ पहुंचीं युवा मतदाता पिया शर्मा ने कहा कि हमारा संविधान हमें अपनी सरकार और प्रतिनिधि चुनने का सबसे बड़ा अधिकार देता है, इसलिए प्रत्येक युवा को अनिवार्य रूप से मतदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज युवा शक्ति और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की उम्मीद के साथ अपना पहला वोट कास्ट किया है। वहीं, एक अन्य युवा मतदाता अशोक कुमार ने कहा कि हालांकि सुबह की बारिश के चलते मौसम काफी ठंडा और सुहाना हो गया था, जिससे लोग घरों से देरी से निकले, लेकिन लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर जनता के उत्साह में कोई कमी नहीं थी। उन्होंने अपने क्षेत्र के बेहतर भविष्य और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मतदान किया।


















