सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। शिमला संसदीय क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक आवश्यक पहल है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, जो समय-समय पर मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती रही है। एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाना और विरोध करना अनुचित है, क्योंकि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं बल्कि वर्षों से लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपनाई जाती रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत मतदान का अधिकार केवल भारत के नागरिकों को ही प्राप्त है, लेकिन पिछले कई दशकों में बड़ी संख्या में अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले लोगों ने गलत तरीकों से मतदाता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बनवा लिए हैं। ऐसे तत्व न केवल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और संसाधनों पर भी बोझ बन रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से चुनाव आयोग इस गंभीर समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहा है, जो पूरी तरह राष्ट्रहित में है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की राजनीति के चलते इस मुद्दे पर आंखें मूंदे हुए हैं और घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने की सोच लोकतंत्र और देश दोनों के लिए घातक है। डॉ. बिंदल ने समाज और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन करें और यह सुनिश्चित करें कि लोकतंत्र में केवल वैध भारतीय नागरिकों की ही भागीदारी हो।





















