सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (मिल्कफेड) को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी दुग्ध संयंत्रों में दूध प्रापण सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे हिमाचल के उत्पादों की बाजार में विश्वसनीयता और पहचान और मजबूत होगी।
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मुख्यमंत्री ने ढगवार दुग्ध संयंत्र के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके पूर्ण होने से कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने मिल्कफेड को प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण अपनाने, रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने तथा विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य और परिवहन सब्सिडी में की गई बढ़ोतरी से पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय सुधार आएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।





















